कुछ तुम मुझसे कहो
कुछ हम तुम्हे सुनाएं!!
मिलकर हम तुम
प्रीत के गीत गाए
शर्म में झुकी हुयी
तुम्हारी नजर
और दिल में पास
आने की तमन्ना
मौन शब्दों के भाव
फिर होठों पर आएं
और शरमाकर आप
हमारी बाँहों में सिमट जाएं.
कुछ हम तुम्हे सुनाएं!!
मिलकर हम तुम
प्रीत के गीत गाए
शर्म में झुकी हुयी
तुम्हारी नजर
और दिल में पास
आने की तमन्ना
मौन शब्दों के भाव
फिर होठों पर आएं
और शरमाकर आप
हमारी बाँहों में सिमट जाएं.